
Odisha ओडिशा: GRP कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन की मौत से जुड़े सनसनीखेज मॉब लिंचिंग मामले की जांच अब तेज हो गई है। रविवार को ओडिशा क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने बलियांता पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामले की औपचारिक जांच शुरू की।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने दो अलग-अलग स्पेशल टीमों का गठन किया है, जो पूरे घटनाक्रम की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, जांच टीम में कुल करीब आठ वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं, जिनमें जांच से जुड़े अनुभवी अधिकारी भी मौजूद हैं। टीमों को घटनास्थल, आसपास के इलाकों और संबंधित साक्ष्यों की गहराई से जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह मामला GRP कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन की मौत से जुड़ा है, जिसकी वजह मॉब लिंचिंग बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी।
क्राइम ब्रांच की टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि घटना कैसे हुई, इसमें कितने लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे कोई पूर्व योजना थी। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या घटना को रोकने में कोई लापरवाही हुई थी।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। टीम गवाहों के बयान, तकनीकी साक्ष्य और उपलब्ध वीडियो फुटेज की भी जांच कर रही है।
बलियांता पुलिस स्टेशन क्षेत्र में क्राइम ब्रांच की मौजूदगी के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
इस घटना ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन दोनों ही इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में इस मामले में और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





